शरीर में हार्मोन ज्यादा होने से क्या होता है?HealthPlanet

Posted on Fri 9th Dec 2022 : 13:44

हार्मोन असंतुलन के 5 लक्षणों को न करें इग्नोर, शरीर बन जाएगा गंभीर बीमारियों का अड्डा

How to cure hormonal imbalance: मॉडर्न साइंस ने 50 से अधिक तरह के हार्मोन की पहचान की है जो शरीर में विभिन्न कार्य करते हैं। इन हार्मोन्स का स्तर जब बहुत बढ़ जाता है या घट जाता है तो हार्मोनल असंतुलन के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। हार्मोनल असंतुलन के कारण आमतौर पर चेहरे पर मुंहासे निकलते हैं। यह इस समस्या का पहला संकेत है। साथ ही चिड़चिड़ापन, मूड खराब होना, एकाग्र न हो पाना और थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
 

Hormonal Imbalance: हार्मोन असंतुलन के 5 लक्षणों को न करें इग्नोर, शरीर बन जाएगा गंभीर बीमारियों का अड्डा
शरीर के सभी कार्यों के लिए हार्मोन्स की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जीवन और लाइफस्टाइल को बेहतर बनाने हार्मोन बहुत मदद करता है। लेकिन व्यस्त और भागदौड़ भरे जीवन में मानसिक या इमोशनल इश्यू के कारण हार्मोन के स्राव में असंतुलन (Hormone imbalance) पैदा हो जाता है। इसके अलावा परिस्थितियां और पर्यावरण भी हार्मोन को प्रभावित करते हैं जिससे मूड में बदलाव जैसी परेशानियां होने लगती हैं।


मॉडर्न साइंस ने 50 से अधिक तरह के हार्मोन की पहचान की है जो शरीर में विभिन्न कार्य करते हैं। इन हार्मोन्स का स्तर जब बहुत बढ़ जाता है या घट जाता है तो हार्मोनल असंतुलन के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। फिटनेस गुरु एंड होलिस्टिक एक्सपर्ट मिकी मेहता आपको हार्मोनल असंतुलन के चरण, इसके लक्षण और इस समस्या को कम करने के उपाय बता रहे हैं।

तीन चरणों में होता है हार्मोनल असंतुलन

हार्मोनल असंतुलन आमतौर पर किशोरावस्था, गर्भावस्था और पेरी-मेनोपॉज या मेनोपॉज के दौरान अधिक होता है। समय के साथ ये असंतुलन कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा करते हैं। चलिए जानते हैं कि हार्मोनल असंतुलन के लक्षण क्या हैं।
मुंहासे निकलना
किशोरावस्था के दौरान शरीर में हार्मोनल असंतुलन के कारण आमतौर पर चेहरे पर मुंहासे निकलते हैं। यह इस समस्या का पहला संकेत है। साथ ही चिड़चिड़ापन, मूड खराब होना, एकाग्र न हो पाना और थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। हार्मोनल असंतुलन को नजरअंदाज करने पर महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम डिसऑर्डर और अन्य बीमारियां हो सकती हैं।
वजन घटना या बढ़ना
पेरी-मेनोपॉज या मेनोपॉज के दौरान महिलाओं में तेजी से वजन घटने या बढ़ने की समस्या हो जाती है। साथ ही हार्टबीट धीमा होना, थकान, अधिक पसीना, हाथों में झुनझुनी और थायरॉयड ग्रंथि में खराबी, कोलेस्ट्रॉल बढ़ने जैसे लक्षण भी दिखायी जेते हैं। इन लक्षणों के साथ ही चिंता और डिप्रेशन भी होता है।
हाइपोथायरायडिज्म
शरीर में हार्मोन असंतुलन के कारण हर व्यक्ति को अलग-अलग समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यह असंतुलन मेटाबोलिक एक्टिविटी को प्रभावित कर सकता है और हाइपोथायरायडिज्म की समस्या पैदा कर सकता है। इसके अलावा डायबिटीज भी हो सकता है।
मोटापा

मोटापा शरीर में हार्मोनल असंतुलन के कारण होता है क्योंकि शरीर में चयापचय दर धीमी हो जाती है और वसा आसानी से ऊर्जा में परिवर्तित नहीं होती है। जिसके कारण वसा जमा हो जाती है और वजन बढ़ता है। इससे मोटापे की समस्या पैदा होती है।
हार्मोनल असंतुलन को दूर करने के उपाय

इन लक्षणों को पहचानने के बाद इलाज कराने में देर नहीं करना चाहिए। उचित खानपान और जीवनशैली में बदलाव से यह समस्या काफी हद तक ठीक हो जाती है। इसके अलावा फ्रेगनेंस थेरेपी, बॉथ थेरेपी, सिंगिंग, मूड को बेहतर करने वाले म्यूजिक सुनना, आसमान की तरफ देखना, समंदर या नदी किनारे बैठने जैसी एक्टिविटी से भी हार्मोनल असंतुलन की समस्या से उबरने में मदद मिलती है। अधिक से अधिक हरी सब्जियां और फलों का सेवन करना चाहिए। रोजाना संतुलित आहार लेने से हार्मोनल समस्याएं दूर होती हैं।

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